आजकल Gen Z युवा और कर्मचारी हर जगह चर्चा में रहते है| लंच ब्रेक के दौरान किसी युवा कर्मचारी का झपकी लेने के लिए मूवी थिएटर चले जाना, या रोने के लिए फिटिंग रूम में छिप जाना सुनने में भले ही इंटरनेट पर चलने वाला मज़ाक लग रहा होगा| यह सच है की, ज़िन्दगी में स्ट्रेस कम करने के लिए नए नए तरीके अपनाये जाने लगे है| आजकल Gen Z/ ज़िलेनियल (Zillennial) पीढ़ी के कुछ वर्कर्स काम के दिन के दबाव से कुछ समय के लिए राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे ट्रेन स्टेशन, पार्क, फिटिंग रूम और यहां तक कि सिनेमाघरों जैसी एकांत जगहों का इस्तेमाल काम पर लौटने से पहले तनाव कम करने के लिए कर रहे हैं। आइये विस्तार में जानते है-
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फॉर्चून की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क के एक वर्कर बेन सैंडरसनने $15 का मूवी टिकट फ़िल्म देखने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ सोने के लिए खरीदा था। ऑफिस लौटने से पहले थिएटर की रिक्लाइनिंग सीट पर 90 मिनट बिताने के बाद उन्होंने कहा, "मैंने अपनी ज़िंदगी की सबसे अच्छी नींद में से एक नींद ली।" उनकी टिकटॉक पोस्ट से प्रेरित होकर कई अन्य लोगों ने भी तनाव से निपटने के ऐसे ही तरीके शेयर किए।
इतना ही नहीं, एक अन्य क्रिएटर ने न्यूयॉर्क में ऐसी जगहों की सूची भी बनाई जहाँ लोग "जी भरकर रो सकते हैं," जिनमें सबवे स्टेशन, विलियम्सबर्ग ब्रिज और ज़ारा सोहो के फिटिंग रूम शामिल हैं। उन्होंने कहा, "वहाँ आप बेझिझक रो सकते हैं और सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।"
ऑफिस में टॉक्सिक पर्यावरण
यह ट्रेंड सिर्फ़ कुछ खास भावनात्मक पलों के बजाय, आज के काम के तरीकों से जुड़ी आम निराशा को दिखाता है। 'फॉर्च्यून' का कहना है कि, 2023 से ही Gen Z पारंपरिक '9 to 5' वाली नौकरियों को (soul-sucking) बता रहा है| साथ ही, काम की जगह पर खराब व्यवहार और टॉक्सिक मैनेजमेंट की बढ़ती खबरें, AI के कारण एंट्री-लेवल की नौकरियां जाने का डर और आर्थिक दबाव ने कई युवा कर्मचारियों को फंसा हुआ महसूस कराया है। इसलिए ऐसे अलग अलग और नए तरीके तनाव कम करने के लिए अपनाये जाने लगे है|
"हालांकि इस ट्रेंड पर आजकल काफ़ी ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह पूरी तरह से नया है। जब भी लोगों को बहुत ज़्यादा दबाव महसूस होता था, वे हमेशा ब्रेक लेते रहे हैं। फ़र्क बस इतना होता है कि, Gen Z अपनी भावनाओं को छिपाने के बजाय उन्हें खुलकर स्वीकार करने में ज़्यादा विश्वास रखते है।" तनावपूर्ण स्थिति के बाद शांत पल बिताना या थोड़ी देर की झपकी लेना, खुद को फिर से तैयार करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।
Gen Z इमोशनली एक्सहॉस्टेड क्यू हो रहे है?
आज के युवा कामगार पिछली पीढ़ियों की तुलना में बिल्कुल अलग दुनिया में काम कर रहे हैं। क्यों कि AI तेज़ी से नौकरियों को बदल रहा है, रहने का खर्च बढ़ रहा है और बहुत से लोग नौकरी की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, जबकि वे टेक्नोलॉजी के ज़रिए लगातार जुड़े रहते हैं। काम और निजी ज़िंदगी अक्सर आपस में मिल जाते हैं, जिससे पूरी तरह से काम से अलग होने या आराम करने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
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